जायज़ा डेली न्यूज़ लखनऊ संवाददाता लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने आज इमाम बड़ा गुफरा मअब समेत लखनऊ के सात इमाम बड़ो मे पांच आदमियो की मौजूदगी मे मजलिस करने की इजाज़त देदी है।जिसके बाद आज दस बजे दिन मे पहली मोहर्रम की मजलिस को मौलाना कल्बे जवाद ने ख़िताब किया ये पहला मौका है जब कोरोना की वजह से इमाम बड़े मे सिर्फ पांच व्यक्ति मजलिस सुनने वाले है।मौलाना कल्बे जवाद नक़वीअपने हमराह मौलान रज़ा हुसैन समेत पांच दूसरे मौलवी हज़रात के हमराह इमाम बड़े पहुंचे और मजलिस को ख़िताब किया जिसको हुसैनी चैनल पर प्रसारित किया जा रहा है। दूसरे इमाम बड़ों मे हज़रतगंज मे वाक़ेह मक़बरा सआदत अली खां भी शामिल है। इस के अलावा इमाम बड़ा आगा बाक़र, शिया कॉलेज नक्खास,इमाम बड़ा अफ़ज़ल महल,इमाम बड़ा नाज़िम साहब और मदरसा नज़्मीया शामिल है। इस में कोरोना गाइड लाइन का ख़याल रखने की पूरी ज़िम्मेदारी इन्तेज़ामकारो की होगी। ताज़ियो के लिए भी दस मुहर्रम से पहले आपसी सहमति से तद्फीन की रास्ता निकाल लिए जाएगा। मौलाना मौसूफ़ मुहर्रम के सिलसिले मे दिल्ली और लखनऊ को एक कर दिया था तब जाकर उनको यह कामयाबी हासिल हुई इस मौक़े पर लोगों ने इत्मीनान ज़ाहिर किया है। लोग पुलिस इन्तेज़ामीआं का दिल से आभार प्रकट कर रहे हैं।लेकिन हुसैनाबाद ट्रस्ट को लेकर कसक बाक़ी है। पहली मोहर्रम और सात मोहर्रम और दूसरे प्रोग्राम मजलिस तबर्रुक की तक़सीम वगैरा हर साल मुहर्रम मे हुसैनाबाद की जनिब से होता था लेकिन इस बार कोरोना महामरी की वजहा से नहीं किया जा रहा है ।क्यों ट्रस्ट जिस मक़सद से क़ाएम हुआ है। अज़ादारी उसका सबसे बड़ा मक़सद है।लेकिन क्योंकि मौजूदा समय मे वहां कोई कमेटी नहीं है, जिला अधिकार और उनके मातहत अफसरान हुसैनाबाद का इंतेज़ाम संभाल रहे है, शायद यह ट्रस्ट क़ायम होने के बाद पहला मौक़ा है जब मोहर्रम मे हुसैनाबाद मे मजलिस नहीं हो रही है। क्योकि चार पांच लोगों मे मजलिस तो वहां भी हो सकती थी।इसको लेकर भी लोगो मे एक कसक बाक़ी है। क्योंकि शाही खानदान के लोग विदेश मे बहुत है वह सोशल मीडिया पर सवाल खड़े कर रहे है। इस से पहले कल प्रमुख शिया अलीम ए दीन मौलाना कल्बे जवाद नक़वी लखनऊ पुलिस कमिश्नर से मुलाक़ात कर के ज्ञापन सौंपा था। बताते चले की कल लखनऊ पुलिस ने को जुलूसों के लिए गाइड लाइन जारी की है वह मौलाना और शिया फ़िरक़े को क़ुबूल नहीं थी।मौलाना ने अपने ज्ञापन मे लिखा है।की डब्लू एचओ व एमएचए भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन से भी नीचे जाकर मुहर्रम के लिए विशेष गाइड लाइन क्यों जारी की जा रही है।इस लिए इस विशेष गाइड लाइन को फ़ौरन वापस लिया जाये मौलाना ने कहा की जो नोटिस प्रशासन द्वारा जारी किया गया है वह पूरी तर्हां असंवैधानिक और लोगो को भर्मित करने वाला है।

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